बरसात के समय बादल क्यों हो जाते हैं काले?

बरसात के समय बादल क्यों हो जाते हैं काले?

दोस्तों आज के इस पोस्ट के जरिए हम आपको बताएंगे कि आखिर बरसात के समय बादल काले क्यों हो जाते हैं, इसके पीछे का वैज्ञानिक तर्क तथा हम बारिश के बारे में और भी अनोखी बातें जानने वाले हैं।

आज के इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद आपके मन में यह सवाल नहीं रहेगा और आपको इसके बारे में सभी जानकारी प्राप्त हो जाएगी। आपने अपने जीवन में बारिश के पानी में भीगने का मजा तो जरूर से ही लिया होगा परंतु दोस्तों जब बारिश या बरसात आने वाली होती है तो आपने यह गौर जरूर किया होगा कि जो बादल सफेद दिखाई देते हैं वह काले दिखाई देने लगते हैं।

यदि आप इस विषय में नहीं जानते हैं तो फिकर मत करना दोस्तों हमारा यह पोस्ट आपके ज्ञान के स्तर को बढ़ा देगा और यह बता देगा कि बरसात में बादल काले क्यों हो जाते हैं।

दोस्तों हमने यह जानकारी बहुत सारे research करके इकट्ठा किए हैं। यह जानकारी पूर्णता विश्लेषण और वैज्ञानिक तर्क पर आधारित है। इस पोस्ट में हमारे द्वारा किसी भी प्रकार के स्वयं अवधारणा को लिखा नहीं गया है। तो आइए दोस्तों जानते हैं कि बरसात में बादल काले क्यों हो जाते हैं इसके बारे में यह जानकारी निम्न है।

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१) बारिश में बादल काले क्यों हो जाते हैं?

दोस्तों बादल का काला दिखाई देना यह बात को बताता है कि वर्षा कभी भी हो सकती है। आज हम जानेंगे बारिश में बादल काले होने के पीछे का वैज्ञानिक तर्क। गर्मी के दिनों में पृथ्वी का पानी वाष्पित होकर आकाश में चली जाती है और जब मौसम बदलता है तो बादलों में मौजूद वाष्पित पानी के असंख्य बूंदे बादल के काले होने का कारण होते हैं अर्थात् बरसने वाले बादलों में पानी की अनेक बूंदे होती हैं जो सूर्य के प्रकाश को जिस में मुख्यता सात रंग होते हैं को अवशोषित कर लेती है, जिस कारण बरसने वाले बादल का रंग सफेद से काला दिखाई देने लगता है।

आसमान में जब इस प्रकार के काले बादलों की संख्या बढ़ जाती है तो दिन का उजाला अंधकार में बदल जाता है और चारों तरफ ऐसा प्रतीत होता है मानों रात होने वाली हो, क्योंकि यह बादल सूर्य के प्रकाश को अपने में अवशोषित कर लेती है तथा धरती पर आने नहीं देती हैं। अतः यही कारण है कि बारिश के समय बादल काले दिखाई देते हैं।

२) बादल क्या होता है?

आपने जब अपना सिर आसमान की ओर किया होगा तो आपने सफेद बड़े व छोटे आकार की धुआं युक्त संरचना को जरूर देखा होगा जिसे आप और मैं बादल आदि नामों से जानते हैं। परंतु दोस्तों क्या आप जानते हैं कि आसमान में दिखने वाले बादल वास्तव में क्या होते है और कैसे बनते हैं? यदि नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं की बादल धुआं युक्त नहीं होते हैं इनका निर्माण पृथ्वी में मौजूद पानी समुद्र आदि से वाष्पित होकर छोटे-छोटे पानी के कण आकाश में जमा हो जाते हैं जिसे बादल कहते हैं।

यह बादल आसमान में हवा के ठंडे होने व तापमान के गिरने के फल स्वरुप बनते हैं। बादल हमारे पृथ्वी के लिए वर्षा, तापमान नियंत्रण आदि के लिए महत्व है। इन बादलों का वजन बहुत ज्यादा होता है। यह बादल ठोस नहीं होते परंतु इनमें वास्तविक जल के अनंत छोटे कण मौजूद होते हैं। दोस्तों बादल के प्रकार निम्न है:-
Cirrus cloud, Cumulus cloud, Stratus cloud, Nimbo stratus आदि।

३) बारिश होने की घटना?

दोस्तों जब कभी बारिश होती है तो आसपास का वातावरण हरियाली से भर जाता है। अधिकांश लोग बारिश के मौसम को पसंद भी करते हैं। वर्षा के आते ही अनेक छोटे बड़े जीवो के मन में उमंग की लहर उठने लगती है। तो क्या आप जानते हैं कि आखिर यह बारिश कैसे व क्यों होती है। आइए जानते हैं कि इसके पीछे वैज्ञानिक तर्क क्या है।

दरअसल जब गर्मी में तापमान बढ़ता है तो नदियों व समुद्र के पानी वाष्पित कर आसमान में बड़े-बड़े बादल के रूप में इकट्ठा हो जाते हैं और जब बारिश के मौसम में गर्म हवा ऊपर जाकर बादलों से मिलती है तो इनमें संघनन की क्रिया होती है जिससे वाष्प बादल में उपस्थित जल की बूंदे धरती में गिरने लगते हैं जिसे हम वर्षा या बारिश कहते हैं।

वास्तव में वह बादल पानी है जो वाष्प के रूप में रहते हैं और जब संघनन की क्रिया होती है तो यह वाष्प, पानी बनकर धरती में गिरने लगते हैं। इस प्रकार बारिश की घटना संभव होती है।

४) बादल के सफेद दिखने का कारण?

दोस्तों हम सब आसमान की ओर देखते हैं तो हमें अनेक छोटे-बड़े बादल दिखाई देते हैं और अधिकतर बादलों का रंग सफेद दिखाई देता है परंतु ऐसा नहीं है कि बादल का रंग सिर्फ सफेद दिखाई देता है। दरअसल यह बादल और भी रंगो के दिखाई देते हैं‌ तो क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? बादल का रंग समय के अनुसार बदलते रहता है। दोस्तों बादलों का रंग सूर्य की रोशनी पर निर्भर करता है।

क्या आपने कभी गौर किया है कि बादल दिन के समय ज्यादा दिखाई देते हैं और रात में कम इसका कारण सूर्य की रोशनी होता है। दिन के समय सूर्य की रोशनी वाष्पित जल के कण पर सीधा पड़ता है जिससे यह सफेद दिखाई देते हैं और शाम के समय यह सूर्य की रोशनी लाल दिखाई देती हैं जिससे बादल लाल दिखाई देते हैं। जब रात होती है तो बादलों पर चांद की रोशनी पड़ती है जिससे बादल का रंग नीला हो जाता है या ग्रे colour का हो जाता है।

यही कारण होता है कि रात में बादल कम दिखाई देते हैं क्योंकि आसमान का रंग भी नीला होता है। जब चंद्रग्रहण होता है तो चारों तरफ अंधेरा हो जाता है जिससे रात में बादल दिखाई ही नहीं देते हैं। अतः बादल में स्थित वाष्पित जल के छोटे बूंद सूर्य रोशनी को अवशोषित कर लेते हैं जिससे उनका रंग सफेद व अन्य कलर के दिखाई देते हैं।

उदाहरण के तौर पर यदि आप बंद कमरे मैं water balloons बनाते हैं तो वह water balloons नहीं दिखाई देते हैं क्योंकि उसमें light नहीं पड़ता, यदि आप इसे सूर्य की रोशनी या बल्ब की रोशनी में बनाते हैं तो यह दिखाई देते हैं। यही कांसेप्ट बादलों का भी होता है।

५) बरसात के समय बर्फ क्यों पड़ते हैं?

दोस्तों आपने यह गौर किया होगा कि प्रत्येक बारिश में बर्फ नहीं पड़ते हैं परंतु कभी ऐसा बारिश होती है जिसमें पानी के साथ बर्फ भी गिरते हैं। तो इसका मुख्य कारण तापमान में अत्यधिक गिरावट की वजह होता है। अपने विज्ञान के एक प्रयोग के बारे में सुना होगा कि यदि वाष्प में या भांप में हम temprature को घटा देते हैं तो वह पानी बन जाते हैं और यही temprature को अत्यधिक घटा देते हैं तो वह पानी बर्फ बन जाता है।

इसी प्रकार बारिश के समय होता है। जब टेंपरेचर अत्यधिक कम हो जाता है तो बादल में पानी के साथ-साथ बर्फ भी बन जाते हैं जिससे पानी व बर्फ की बारिश होती है। उदाहरण के रूप में आपने अपने घर में रखे refregerator के freezer को देखा होगा। उसमें पानी नहीं होता इसके बावजूद वाष्प बर्फ बन जाते हैं क्योंकि फ्रीजर का टेंपरेचर इतना कम होता है कि उसके अंदर मौजूद वाष्प बर्फ में बदल जाते हैं। यही कांसेप्ट बादलों में भी होता है जिससे कभी-कभी बर्फ भी गिरने लगते हैं। कई ठंडी कंट्री या प्रदेश में टेंपरेचर बहुत कम होता है जिससे वहां बर्फ की बारिश होती रहती है।

६) बारिश वाली बिजली कितने वोल्टेज की होती है?

दोस्तों बारिश के समय आसमान से बिजली गिरने का खतरा बना रहता है। तो क्या आप जानते हैं कि यह कितने वोल्टेज का होता है तथा इसमें कितना पावर होता है। दरअसल आसमानी बिजली का तापमान 27 हजार डिग्री सेल्सियस तक होता है, जिसमें लगभग 10 करोड वोल्टेज या 100 मेगावाट व 10 हजार एंपियर की करंट होती है। इस बिजली की रफ्तार 3 किलोमीटर प्रति घंटा तक की हो सकती है। सूर्य की सतह लगभग 6 हजार डिग्री सेल्सियस का हिट उत्पन्न करता है, इससे कहीं ज्यादा ताप आसमानी बिजली में होता है।

७) बारिश के समय सूर्य क्यों नहीं दिखाई देता?

जब मौसम साफ होता है अर्थात् जब बारिश नहीं होता है तो सूर्य हमें आसानी से दिखाई देते हैं और जब बारिश होता है तो सूर्य छिप जाता है। इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण यह है कि काले बादल का सूर्य के सामने आ जाना और यह काले बादल अत्यधिक संख्या में होते हैं जिनसे सूर्य नहीं दिखाई देते हैं, क्योंकि यह सूर्य को पूरी तरह से ढक लेते हैं और इसके प्रकाश को धरती पर आने से रोक देते हैं जिससे अंधेरा हो जाता है और सूर्य दिखाई नहीं देता है।

जब बादल वाष्प के रूप में होते हैं तो इनका घनत्व कम होता है और जब यह बरसने वाले होते हैं तो इनका घनत्व अधिक हो जाता है जिससे सूर्य छिप जाता है।

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Conclusion

दोस्तों आज हमने जाना कि बारिश के समय बादल काले क्यों हो जाते हैं तथा बादल और बिजली से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें। हमारे द्वारा लिखी गई इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके मन में इस से जुड़ी सवाल के जवाब मिल गए होंगे। जब कभी भी बारिश होती है तो बिजली गिरने का खतरा रहता है ऐसे में आप अपने घर में रहें और सुरक्षित रहे तथा electronic device का power off कर दें, ताकि बिजली गिरने का संभावना कम हो सके।

आशा करते हैं कि हमारा यह पोस्ट बादल बारिश के समय काले क्यों हो जाते हैं? आपको पसंद आया होगा। यदि कोई सवाल हो तो हमें नीचे जरूर कमेंट करना। धन्यवाद!

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